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भारत के सबसे अच्छे कॉलेज कौंन-से है ? | Best College Name in India

हेल्लो दोस्तों अगर आप भारत के सबसे अच्छे कॉलेज के बारे में जानकारी लेना चाहते है की कौन सा सबसे अच्छा कॉलेज है । अगर आप जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर से पढ़े तो आपको पता चल जायगा की भारत के सबसे अच्छे कॉलेज कौन से है ।

बहुत से विद्यार्थी जब भी 12वीं के पेपर देने के बाद कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए गूगल पर सर्च करते रहेते है की भारत के सबसे अच्छे कॉलेज कौन से है और हम कहा पर एडमिशन ले क्युकी अच्छा रिजल्ट पाने के लिए अच्छा कॉलेज होना बहुत जरुरी है ।

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भारत के सबसे अच्छे कॉलेज कौंन-से है | Best Collage Name India

भारत के सबसे अच्छे कॉलेज

वेसे तो भारत में बहुत से कॉलेज है लेकिन उनमे से अच्छे कॉलेज को खोजना बहुत ही मुस्किल है । लेकिन हमने इस पोस्ट में भारत के सबसे अच्छे 10 कॉलेज के बारे में जानकारी देने वाले है की येसे कौन कौन से कॉलेज है जिसमे आप एडमिशन ले सकते है ।

आपको निचे सबसे अच्छे 10 कॉलेज के बारे में जानकारी दी गयी है आप उन्हें देख सकते है :-

  • मिरांडा हाउस, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
  • हिन्दू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
  • प्रेसिडेंसी कॉलेज, चेन्नई
  • सेंट स्टेफिन्स कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
  • लेडी श्रीराम कॉलेज फ़ॉर विमेन, दिल्ली
  • लोयोला कॉलेज, चेन्नई
  • श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली
  • रामकृष्ण मिशन विवेकानंद सेंटेनरी कॉलेज, रहरा, पश्चिम बंगाल
  • हंसराज कॉलेज, नई दिल्ली
  • सेंट जेवियर कॉलेज, कोलकाता, पश्चिम बंगाल

भारत के 10 सबसे अच्छे कॉलेज – Top 10 College in India

आपको निचे विस्तार से भारत के 10 सबसे अच्छे कॉलेज के बारे में जानकारी दे गयी है । यह सब कॉलेज को देख के आप अपने कॉलेज को सेलेक्ट कर सकते है की आपके लिए कौन सा कॉलेज सबसे अच्छा है ।

1.मिरांडा हाउस, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली

मिरांडा हाउस, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
मिरांडा हाउस, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली

मिरांडा हाउस कॉलेज दिल्ली में स्थित कॉलेज देश के सबसे प्रमुख कॉलेजों में एक है । इस कॉलेज की स्थापना साल 1948 में हुई । इस महाविद्यालय से निकलीं अनेकों महिलाएं देश-विदेश में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रही हैं ।

यह महाविद्यालय 2500 से अधिक छात्राओं को कला (आर्ट्स) और विज्ञान के क्षेत्र में शिक्षा प्रदान करता है । इसकी शिक्षक भी भी अपनी प्रतिभा और समर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं ।

इंडिया टुडे-नीलसन भारत के बेस्‍ट कॉलेज सर्वे 2016 में मिरांडा हाउस को टॉप आर्ट्स कॉलेज की सूची में पांचवां स्‍थान दिया गया था ।

मिरांडा हाउस में मिलने वाली सुविधाएं इस प्रकार है:- पुस्तकालय, छात्रावास, कैफेटेरिया, खेलकूद, प्लेसमेंट सेल ।

मिरांडा हाउस का पाठ्यक्रम

मिरांडा हाउस यूनिवर्सिटी कॉलेज फॉर विमन में निम्नलिखित कोर्स कराए जाते हैं :

  • बैचलर ऑफ आर्ट्स ( बंगाली में) – यह एक फुल टाइम कोर्स है। जिसकी पूर्णता पर बी. ए. (ऑनर्स) की डिग्री मिलती है। इसकी अवधि 3 वर्ष है। प्रवेश के लिये 12वीं उतीर्ण होना जरूरी है ।
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स इन हिंदी – यह एक पूर्णकालिक पाठ्यक्रम है। बी. ए. (ऑनर्स) की डिग्री मिलती है। अवधि 3 वर्ष । 12वीं के बाद प्रवेश मिलता है ।
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स इन संस्कृत
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स इन इकनॉमिक्स
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स इन इंग्लिश
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स इन जियोग्राफी
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स इन हिस्ट्री
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स इन म्यूजिक
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स इन फिलॉस्फी
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स इन पॉलिटिकल साइंस
  • बैचलर ऑफ आर्ट्स इन सोशियोलॉजी
  • मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मैथमेटिक्स

2.हिन्दू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय

हिन्दू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
हिन्दू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय

हिन्दू कॉलेज, दिल्ली भारत के कुछ सबसे पुराने व प्रसिद्ध महाविद्यालयों में से एक है । इसकी स्थापना 1899 में हुइ थी । यह दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है । इस कॉलेज की स्थापना कृष्ण दास जी ने की थी ।

कॉलेज ने कानून, अर्थशास्त्र, विज्ञान, मनोविज्ञान, व्यवसाय, दर्शनशास्त्र, साहित्य, मीडिया, सिनेमा, सैन्य, खेल और राजनीति के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय पूर्व छात्रों का निर्माण किया है । हिंदू कॉलेज में इसके नाम के बावजूद सभी धर्मों के छात्रों को प्रवेश दिया जाता है ।

2020 में, इसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय (भारत सरकार) के तहत राष्ट्रीय संस्थान रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान दिया गया है । इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के लिए ‘स्टार कॉलेज‘ का दर्जा दिया गया है ।

हिन्दू कॉलेज का इतिहास

हिंदू कॉलेज की स्थापना १८९९ में कृष्ण दासजी गुरवाले ने ब्रिटिश राज के खिलाफ राष्ट्रवादी संघर्ष की पृष्ठभूमि में की थी। राय बहादुर अंबा प्रसाद, गुरवाले जी सहित कुछ प्रमुख नागरिकों ने एक कॉलेज शुरू करने का फैसला किया, जो गैर-अभिजात्य और गैर-सांप्रदायिक होते हुए भी युवाओं को राष्ट्रवादी शिक्षा प्रदान करेगा ।

मूल रूप से, कॉलेज चांदनी चौक के किन्नरी बाजार में एक साधारण इमारत में स्थित था, और यह पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्ध था क्योंकि उस समय दिल्ली में कोई विश्वविद्यालय नहीं था ।

जैसे-जैसे कॉलेज का विकास हुआ, इसे 1902 में एक बड़े संकट का सामना करना पड़ा । पंजाब विश्वविद्यालय ने कॉलेज को चेतावनी दी कि अगर कॉलेज को अपना उचित भवन नहीं मिला तो विश्वविद्यालय कॉलेज को असंबद्ध कर देगा । 

 इस संकट से कॉलेज को बचाने के लिए राय बहादुर लाला सुल्तान सिंह आए । उन्होंने अपनी ऐतिहासिक संपत्ति का एक हिस्सा, जो मूल रूप से कर्नल जेम्स स्किनर का था, कश्मीरी गेट, दिल्ली में कॉलेज को दान कर दिया । कॉलेज वहाँ से १९५३ तक चलता रहा ।

जब 1922 में दिल्ली विश्वविद्यालय का जन्म हुआ, तो रामजस कॉलेज और सेंट स्टीफंस कॉलेज के साथ हिंदू कॉलेज को बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया, जिससे वे विश्वविद्यालय से संबद्ध होने वाले पहले तीन संस्थान बन गए ।

3.प्रेसिडेंसी कॉलेज, चेन्नई

प्रेसिडेंसी कॉलेज, चेन्नई

प्रेसिडेंसी कॉलेज की शुरुआत 1840 में बतौर स्कूल के रूप में हुई थी ।  इस कालेज की स्थापना थिरु कपूर द्वारा की गई थी, यह कॉलेज प्रेसीडेंसी कॉलेज मद्रास यूनिवर्सिटी द्वारा बनाए जाने वाले पाठ्यक्रम के अनुसार ही शिक्षा प्रदान करने का कार्य कर रहा है ।

प्रेसीडेंसी कॉलेज भारत के सबसे पुराने सरकारी कला महाविद्यालयों में से एक है । यह भारत में अंग्रेजों द्वारा स्थापित दो प्रेसीडेंसी कॉलेजों में से एक है, दूसरा प्रेसीडेंसी कॉलेज, कोलकाता है ।

प्रेसिडेंसी कॉलेज का इतिहास 

सर थॉमस मुनरो के कहने पर ,1826 में सार्वजनिक निर्देश की एक समिति का गठन किया गया । 1836 में, समिति के कर्तव्यों को “मूल शिक्षा समिति” में बदल दिया गया । योजनाओं समिति द्वारा तैयार करने के लिए खुद हूं नहीं था मद्रास के गवर्नर , प्रभु Elphinstone , जो बारी में उन्नीस संकल्प है, जो सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव रखा ।

स्कूल प्रेसीडेंसी कॉलेज में विकसित हुए । जब 1857 में मद्रास विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, तो प्रेसीडेंसी कॉलेज इससे संबद्ध हो गया । 1870 में, कॉलेज मरीना बीच के सामने कामराज सलाई में अपने वर्तमान स्थान पर चला गया ।

4.सेंट स्टेफिन्स कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली

सेंट स्टेफिन्स कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
सेंट स्टेफिन्स कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली

दिल्ली के सबसे पुराना और प्रसिद्ध कॉलेजों में से एक सेंट स्टीफेंस कॉलेज । जिसके स्थापना साल 1881 में रिवॉर्ड सैमुएल स्कोर्ट अमानत द्वारा हुई । इस कॉलेज की शुरुआत चांदनी चौक में किनारी बाजार के पास एक छोटे से घर से हुई ।

यह भारत के प्रसिद्ध शैक्षिक संस्थानों में से एक है,जहां कला एवं विज्ञान की उपाधियां दी जाती हैं । इस कॉलेज के कई पुराछात्र काफ़ी प्रसिद्द रहे हैं और कॉलेज के छात्रों को स्टेफेनियन कहा जाता है ।

 1922 दिल्ली यूनिवर्सिटी के निर्माण के बाद यह कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी के साथ शामिल किया गया और इनके 3 मूल कॉलेजों में से एक बन गया । 

सेंट स्टीफ़न कॉलेज का इतिहास 

इस कॉलेज का इतिहास बहुत पुराना है। सेंट स्टीफेंस स्कूल के रूप में 1854 से मौजूद शिक्षण संस्थान को १ फरवरी 1881 को कैम्ब्रिज मिशन द्वारा कॉलेज का दर्जा मिला और सैमुअल स्कॉट आलनट इसके संस्थापक प्रधानाचार्य बने।

कॉलेज के कुछ उल्लेखनीय प्रधानाचार्यों में सी॰ एफ़॰ एंड्रयूज का नाम महत्वपूर्ण है। वर्ष 1922 में दिल्ली विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद यह कॉलेज भी दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध हो गया ।

5.लेडी श्रीराम कॉलेज फ़ॉर विमेन, दिल्ली

लेडी श्रीराम कॉलेज फ़ॉर विमेन, दिल्ली
लेडी श्रीराम कॉलेज फ़ॉर विमेन, दिल्ली

लेडी श्रीराम कॉलेज  दिल्ली विश्वविद्यालय में महिलाओं का महाविद्यालय है। यह भारत में उदार (लिबरल) कला-शिक्षा के लिए प्रमुख संस्थानों में से एक माना जाता है ।

इस कॉलेज की स्थापना 1956 में सर श्रीराम ने अपनी पत्नी फूलन देवी (लेडी श्रीराम) के स्मृति पर किया गया । इस संस्था के मूल उद्देश्य था महिलाओं को शिक्षा प्रदान करना । 

इस कॉलेज में आज के समय में लगभग 2000 से भी अधिक छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं और इस कॉलेज में लगभग 200 मेंबर्स और सहायक कर्मचारी हैं । इस कॉलेज में 15 से भी अधिक कोर्स की शिक्षा दी जाती है ।

लेडी श्रीराम कॉलेज फ़ॉर विमेन का इतिहास

इसकी स्थापना 1956 में सर श्री राम ने अपनी पत्नी फूलन देवी (लेडी श्रीराम) की स्मृति में की थी । इसकी शुरुआत दरियागंज, नई दिल्ली में एक कॉलेज, 243 छात्रों, 9 सिक्षकों, 4 सहयोगी स्टाफ और अध्ययन के 3 अलग पाठ्यक्रम के साथ हुई थी । संस्था का उद्देश्य महिलाओं को उच्च शिक्षा प्रदान करना था ।

आज,यह कॉलेज दक्षिण दिल्ली के लाजपत नगर ज़िला में एक 15-एकड़ (61,000 मी2) परिसर में स्थित है और लगभग 2000 विद्यार्थी, 150 से अधिक शिक्षकों, प्रशासनिक और स्टाफ और अध्ययन के 16 पाठ्यक्रमों का समर्थन रखता है ।

6.लोयोला कॉलेज, चेन्नई

लोयोला कॉलेज, चेन्नई
लोयोला कॉलेज, चेन्नई

लोयोला कॉलेज, चेन्नई चेन्नई , तमिलनाडु , भारत में सोसाइटी ऑफ जीसस के चेन्नई प्रांत द्वारा संचालित एक निजी कैथोलिक उच्च शिक्षा संस्थान है । इसकी स्थापना 1925 में फ्रांसीसी जेसुइट पुजारी, रेव फादर फ्रांसिस बर्ट्राम, एसजे ने अन्य यूरोपीय जेसुइट्स के साथ की थी । 

यह मद्रास विश्वविद्यालय से संबद्ध एक स्वायत्त जेसुइट कॉलेज है । लोयोला कॉमर्स एसोसिएशन ने 2019 में अपना 75 वां वर्ष मनाया। एनआईआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) 2020 के अनुसार कॉलेज को 6 वां स्थान मिला है ।

लोयोला कॉलेज का इतिहास

लोयोला नाम पुश्तैनी महल से आया है जहाँ 1491 में इनिगो लोपेज़ डी लोयोला का जन्म हुआ था, जो एक बड़े बास्क परिवार का अंतिम था । 

उन्होंने सेंट फ्रांसिस जेवियर और पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर सोसाइटी ऑफ जीसस (जेसुइट ऑर्डर) की स्थापना की , जो दुनिया भर में धार्मिक पुरुषों का एक संगठन है, जिनकी संख्या लगभग 19,000 है । भारत के 18 प्रांतों में लगभग 4,000 कार्यरत हैं ।

तमिलनाडु में 480 स्कूलों, कॉलेजों, युवा सेवाएं, सामाजिक कार्य केंद्र, पारिशों, मिशन पहुँच कार्यक्रमों में काम कर जीसस, और सेवा और चर्च मंत्रालय के अन्य रूपों में देखते हैं । 

7.श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली

श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली

दिल्ली में स्थित श्रीराम कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय का एक घटक कॉलेज है । इसके स्थापना साल 1926 में लाल श्रीराम द्वारा हुआ था । यह भारत के सबसे अच्छे कॉलेज के सूची पर आते है ।

1933 में SRCC ने छात्रों को अंडरग्रेजुएट की डिग्री देनी शुरू की थी और 1948 से पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री देनी शुरू की । आज अगर SRCC में एड्मिशन लेना हो तो छात्र 12वीं की परीक्षा में 80 से 95 फ़ीसदी अंको का मिलना आवश्यक होता है ।

2020 में इंडिया टुडे द्वारा SRCC को भारत के सर्वश्रेष्ठ कॉमर्स कॉलेज का दर्जा दिया गया था । 2020 में नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) द्वारा इसे भारत के कॉलेजों में 12 वां स्थान दिया गया है ।

8.रामकृष्ण मिशन विवेकानंद सेंटेनरी कॉलेज, रहरा, पश्चिम बंगाल

रामकृष्ण मिशन विवेकानंद सेंटेनरी कॉलेज, रहरा, पश्चिम बंगाल
रामकृष्ण मिशन विवेकानंद सेंटेनरी कॉलेज, रहरा, पश्चिम बंगाल

रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शताब्दी कॉलेज , जिसे लोकप्रिय रूप से रहारा वीसी कॉलेज के रूप में जाना जाता है, पश्चिम बंगाल के सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों में से एक है, जो वर्तमान में स्वायत्त और पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध है । 

इसका नाम स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखा गया है । यह पहले कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध था ।यह रामकृष्ण मिशन आदेश द्वारा प्रशासित है । 

कॉलेज Rahara, में स्थित है Khardaha , उत्तर 24 परगना जिले के राज्य में पश्चिम बंगाल ,भारत । नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क द्वारा कॉलेज को भारत के अन्य कॉलेजों में 11 वां स्थान दिया गया था(एनआईआरएफ) 2020 में ।

कॉलेज को राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा ‘‘ ग्रेड से मान्यता प्राप्त है और यह पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध है । कॉलेज की अपने अनुशासन और प्रशासन के लिए बहुत अच्छी प्रतिष्ठा है। कॉलेज को अब यूजीसी द्वारा सत्र 2017-18 से 2022-2023 तक स्वायत्त दर्जा प्राप्त है ।

रामकृष्ण मिशन विवेकानंद सेंटेनरी कॉलेज का पाठ्यक्रम

कॉलेज रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भौतिकी, गणित, प्राणी विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम प्रदान करता है जिससे सम्मान की डिग्री प्राप्त होती है । कॉलेज ने पहले ही रसायन विज्ञान और वनस्पति विज्ञान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू कर दिया है ।

 वर्ष 2018 से गणित में एक नया स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी शुरू हो गया है । कॉलेज को “उत्कृष्टता की संभावना (सीपीई)” का दर्जा भी प्राप्त है और यह एक डीएसटी-एफआईएसटी प्रायोजित केंद्र है । इसे यूजीसी, नई दिल्ली द्वारा स्वायत्त दर्जा दिया गया है । 

9.हंसराज कॉलेज, नई दिल्ली

हंसराज कॉलेज, नई दिल्ली
हंसराज कॉलेज, नई दिल्ली

हंसराज कॉलेज नई दिल्ली , भारत में दिल्ली विश्वविद्यालय का एक घटक कॉलेज है । हंसराज कॉलेज के विभागों में विज्ञान , उदार कला और वाणिज्य शामिल हैं ।

कॉलेज की स्थापना 26 जुलाई 1948 को प्रमुख भारतीय शिक्षक और राष्ट्रवादी महात्मा हंसराज की स्मृति में की गई थी । इस कॉलेज की नाम प्रसिद्ध शिक्षाविद महात्मा हंसराज पर रखा गया । 

वर्तमान समय में इस कॉलेज में छात्रों को विज्ञान,ऑर्ट्स और लिबरल जैसे विषयों से संबंधित जानकारी प्रदान की जाती है ।

हंसराज कॉलेज का इतिहास

कॉलेज की स्थापना 26 जुलाई 1948 को प्रमुख भारतीय शिक्षक और राष्ट्रवादी महात्मा हंसराज की स्मृति में की गई थी । प्रारंभ में पुरुषों के लिए एक संस्थान के रूप में शुरू किया गया, कॉलेज 1978 में सह-शैक्षिक बन गया।

3,000 से अधिक छात्रों के साथ, यह दिल्ली विश्वविद्यालय के सबसे बड़े घटक कॉलेजों में से एक है । वर्षों से हंस राज कॉलेज को तीनों विषयों में भारत के शीर्ष 10 कॉलेजों में स्थान दिया गया है ।

अपने 69वें स्थापना दिवस के अवसर पर, उद्योगपति और पूर्व छात्र नवीन जिंदल ने घोषणा की कि हंस राज कॉलेज अपने परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाला पहला कॉलेज बन जाएगा । 

कॉलेज ने 25 जनवरी 2017 को स्मारक ध्वज फहराया जो सीपी के बाद दिल्ली में दूसरा स्मारक ध्वज है। कॉलेज के पूर्व छात्र और फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एफएफओआई) के संस्थापक सांसद नवीन जिंदल ने झंडा फहराया । 

10.सेंट जेवियर कॉलेज, कोलकाता, पश्चिम बंगाल

सेंट जेवियर कॉलेज, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
सेंट जेवियर कॉलेज, कोलकाता, पश्चिम बंगाल

सेंट जे़वियर्स महाविधालय भारत के पश्चिम बंगाल राज्य कोलकाता में स्थित एक पारंपरिक स्वायत्त शैक्षणिक संस्थान हैा इस कॉलेज की स्थापना 1860 ई. में जेसुइट्स सेंट द्वारा किया गया था ।

इस कॉलेज का नाम जेसुइट संत एक फ्रांसिस जेवियर के नाम पर रखा गया जो 16 वीं शताब्दी में भारत भम्रर्ण के लिए आये थे ।

इस कॉलेज को 2006 में स्वयत्ता प्रदान के फलस्वरूप पश्चिम बंगाल का पहला स्वायत्त कॉलेज बन गया इंडिया टुडे और नीलसन दोनों द्वारा सवेर्क्षण से यह कॉलेज भारत के टॉप तीन अंडरग्रेजुएट कॉलेजो में शामिल किया गया ।

यह कॉलेज कला, विज्ञान, वाणिज्य, से सम्बन्धित अंग्रेजी, बंगला, राजनितिक, समाजशासत्र, माइक्रोबायोलॉजी, कम्प्यूटर गणित, रसायन विज्ञान जैसे विभिन्न 50 पाठयक्रमों में 9 और बीए, बीएसी, बी.कॉम, जैसे 13 स्नात्रक (ऑनस) डिग्री प्रदान करता है ।

सेंट जेवियर कॉलेज का इतिहास

जेसुइट ने 5 जनवरी 1860 को इसाई मिशनरी और पुजारी फादर हेनरी डेपेलचिन के नितृत्व में कॉलेज की स्थापना कीया था । यह लोयला के संत इग्राटियस द्वारा गठित एक सर्व-भौमिक कैथोलिक धार्मिक आदेश था, जिन्हें एक समय उन्हें युरोप का स्कूल मास्टर्स का जाता था।

1843 में एक विस्फोट से थिएटर जलने के बाद, कोलकाता के तत्कालीन ओलिव ने जेसुइट्स को एक कॉलेज बनाने की जगह दी। पहली कक्षा 40 छात्रों के साथ शुरू हुआ था इसकी स्थापना के दो साल बाद 1862 में कॉलेज को कलकाता के द्वारा अनुमोदित किया गया । 

ये भी देखे-

Frequently Asked Questions

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय भारत का सबसे बड़ा यूनिवर्सिटी माना जाता है और यह भी हमारे इस सूची में मौजूद है। जानकारी के लिए बता दें कि वाराणसी में स्थित इस विश्वविद्यालय की स्थापना पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा सन् 1916 में की गई थी ।

भारत में सबसे पहले और सबसे प्राचीन जिस विश्वविद्यालय का नाम लिया जाता है, वो था तक्षशिला। इतिहास में यह कहा जाता है कि इस विश्वविद्यालय का निर्माण लगभग 27000 वर्ष पहले किया गया था ।

एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय बनारस हिंदू विश्वविद्यालय है ।

फरवरी 2017 तक, यूजीसी वेबसाइट के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत में 789 विश्वविद्यालय, 37,204 कॉलेज और 11,443 स्टैंड-अलोन संस्थान हैं। भारतीय सरकारी विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों के रूप में विभाजित किया जा सकता है ।

दुनिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी कैंब्रिज विश्वविद्यालय है और यह विश्वविद्यालय यूके में स्थित है ।

भारत के सबसे अच्छे कॉलेज– [विडियो]

निष्कर्ष

दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से आप ने भारत के सबसे अच्छे कॉलेज कौन से हैं जान लिया होगा और आपको पता चल गया होगा की कौन सा कॉलेज आपके लिए बेस्ट है जहां पर आप आगे की पढ़ाई पूरी कर सकते है और अगर आपको मेरे द्वारा दि गई जानकारी पसंद आई तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले ।

अगर आपके मन में कोई भी सवाल है भारत के सबसे अच्छे कॉलेज  में से तो आप हमें निचे कमेंट कर सकते है मै जरुर से आपके सवाल का जवाब दूंगा ।

Naresh Kumarhttps://howgyan.com
नमस्कार दोस्तों, मैं नरेश कुमार HowGyan.com का Founder & Author हूँ,आपको इस वेबसाइट पर मैं SEO,Technology और Education के बारे में अपने इस ब्लॉग पर लिखता हूँ अगर आपको इन सभी के बारे में जानकारी चाहिये तो इस ब्लॉग के पोस्ट को जरुर पढ़े ।

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